Category: निष्ठा जटवानी

पंछी दुनिया और साहिल

पंछियों की तरह उड़ना सीखो नीले गगन को  चूमना सीखो मत देखो हमें संसार को कदम बढाकर चलना सीखो दुनिया का दस्तूर है, बातें करटी रहती है तू  मत …

माँ

सूत्र जीवो की हो तुम देवी नदी का साहिल हो, या फिर तालाब का हो पानी जहां तुम खुशियाँ बिखेर देती हो वह जन्नत बनाती है  सारी चाहे तुम्हे …