Category: नेहा तिवारी

नजारे भी इतने हसिन न थे

नजारे भी इतने हसिन न थे भिगी पलके तो पाया हमने आन्सू भी तो गम्गीन न थे जब उनकी नजरो से देखा हमने लगा येह मौसम इत्ने नम तो न थे नजारे भी इतने हसिन न थे जब होश आया तोह उन्कि बान्हो मे खुदा न खास्ता हम ही न हम थे अक हुइ रान्हे तो किस राह मे जहा वो थे वही हम भी थे नजारे भी इतने हसिन न थे …<3  

प्यार……..

जाने किस किस तरह तुम मुज्हे सताते हो अक पल की दुरी भी सह नहि पाते हो बहुत बार कोशीश की तुम्से दूर जाने की तुम गिले शिक्वे कर वही प्यार जताते हो   जाने किस किस तरह तुम मुज्हे सताते हो जो बाते तुम्से मुज्हे कह्नी थी मेरे कानो मे चुप्के से कह जाते हो जाने किस किस तरह तुम मुज्हे सताते हो प्यार की परिभाशा देखती हू आन्खो मे तुम्हारे इन बातो को कहने को तुम उक्साते हो तुम शर्म की लाली से क्यु पर्दा हताते हो जाने किस किस तरह तुम मुज्हे सताते हो….

आँखों के गलीचे में वोह चुपचाप बैठें हैं

आँखों के गलीचे में वोह चुपचाप बैठें हैं   नजरो को सकते वोह बेताब बैठे हैं   कोई उलझन है मन में तोह पूछ लूं   लेकिन उनकी आँखों …

मै पहली सी मोहब्बत चाहता हु….

आज मुझसे नाराज हो रही हो आज रो रही हो तुम्हे मनाऊ भी तो कैसे तुम खामोशी से वही स्वर पिरो रही हो दो पल जो मिलन की है उसे तुम अपने गुरूर मे बिखेर रही हो जी भर के तुम्से आज उलझना चाहत हू जो गुरूर तुमने पाल रखा है उसे तोद्ना चाहता हू इस नमकीनी सी मोहब्बत मे थोरी मिथास है तो थोदी शरारत कि आजमाइश इन शरारतो से तुमहारे चेहरे पर मुस्कान चाहत हु मै वही पहले सी मोहब्बत चाहता हू आज मै जी भर के ताउम्र का सौदा करना चाह्त हू दिल के बदले दिल चाहता हु मै पहली सी मोहब्बत चाहता हु….

कभी सोचा न था

हालात इतने बदल जाएगे  कभी सोच न था  हुम आपसे शर्माएन्गे कभी सोचा न था जब प्यार को पाने की जुस्तजू होगी  आप हमे खोज लायेन्गे  कभी सोचा न था खूदा से भी कोइ शिकायत नही होगी  कभी सोच न था रुबरु से जज्बात इस तरह बिखर जायेन्गे कभी सोचा न था…..