Category: नीलम सिंह

भूल जाओ वामन

नहीं काट सकते अतल में धँसी मेरी जड़ों को तुम्हारी नैतिकता के जंग लगे भोथरे हथियार मत आँको मेरा मूल्य धरती आकाश से आकाश धरती से सार्थक है तुम्हारे …

एक पैगाम आकाश के नाम

आकाश ! कब तक ओढ़ोगे परंपरा की पुरानी चादर, ढोते रहोगे व्यापक होने का झूठा दंभ, तुम्हारा उद्देश्यहीन विस्तार नहीं ढक सका है किसी का नंगापन छोड़कर कल्पना, वास्तविकता पर …