Category: मीना भारद्वाज

“पुष्पवाटिका” ( हाइकु )

चम्पा ,चमेली गुलाब की कलियाँ सदाबहार रात की रानी रजनीगंधा संग हरसिंगार गुलदाऊदी अष्ट कमल दल गुलबहार नीलकमल चाँदनी ,मौलसरी रंग हजार लता कुंज में भ्रमर-तितलियाँ करें विहार XXXXX …

“अवधपुरी” (हाइकु)

अवध जन देख दुल्हा-दुल्हिन मुदित मन हर्षित नृप रघुकुल नन्दन राजतिलक रानी के वर भये भूप विकल मूर्छित तन निर्मल मन सीय राम लखन वन गमन बिन राघव भई …

“रक्षक”

हमारी मातृभूमि के रक्षक वीर जवानों को स्वतन्त्रता दिवस पर समर्पित एक छोटी सी रचना – हिम किरीट के रक्षक तुम,तुझ में शक्ति अपार तुम से रक्षित गौरव राष्ट्र …

“मित्रता”

मित्रता तपन में फुहार सी ठंडक का अहसास देती है। मित्रता बिन मांगे मोती आंचल में हो तो खुशियों की सौगात देती है। मित्रता व्यक्ति की निज छांव दुख-सुख …

“कृषक”

सावन-भादौ रिमझिम बरखा हर्षित मन नव उमंग निरखै हरीतिमा हँसें नयन हाल-बेहाल जलमग्न संसार खण्डित स्वप्न धरतीपुत्र श्रमशाली मानव आज विपन्न “मीना भारद्वाज”

“सीमा”

कई बार हमें सीमाओं का ज्ञान नही होता। अधिकार और कर्त्तव्य का भान नही होता।। अधिकार तो चाहिए क्योंकि जन्मसिद्ध हैं। मगर कर्त्तव्य क्यों नही? वह भी तो स्वयंसिद्ध …

“ख्वाहिश”

कोहरे के बादल,कड़ाके की ठण्ड हो तो सूरज की नरम धूप,अच्छी लगती है। भारी-भरकम भीड़,अनर्गल शोर हो तो खामोशी की चादर,अच्छी लगती है।। लीक पर दौड़,बेमतलब की होड़ हो …