Category: मीना भारद्वाज

“परवाह”

तुम्हारी छोटी-छोटी बातें मुझे अहसास करा देती हैं कि तुम्हें मेरी परवाह है मेरी बातों की शुरुआत से पहले ‘एक बात कहूँ’ की मेरी आदत स्मित सी मुस्कान तुम्हारे …

“यूं ही”

बिना बताए,चुपचाप चले आना । दबे पाँवों आके,यूं ही चौंकाना ।। नासमझी सी बातें,इशारों में समझाना । किताबों में बेतरतीब से,ख़तों को छुपाना ।। उजली चाँदनी रातें,तारों संग बिताना। …

“सिया के राम” (हाइकु)

प्रिय लखन फरकै वाम अंग जी में संशय । हे ! मृग छौने मेरी मृगनैयनी थी यहीं-कहीं । भ्रमर पुंज लता-प्रसून कुंज देखी वैदेही ? रघु नन्दन नील नैन …

“राधा-कृष्ण”(हाइकु)

राधिका संग झूठी रार मचाई कृष्ण कन्हाई। नील गगन तारों की छाँह तले नैना भटके। चाँदनी रात शबनमी बयार मौन खटके। कुछ बोलो ना अपनेपन संग मन की बातें। …

“कशमकश”

छन्द अलंकारों से सजी कविता मुझे सोलह श्रृंगार युक्त दुल्हन तो कभी बोन्सई की वाटिका समान लगती है । कोमलकान्त पदावली और मात्राओं-वर्णों की गणना उपमेय-उपमान , यति-गति के …

“पुष्पवाटिका” ( हाइकु )

चम्पा ,चमेली गुलाब की कलियाँ सदाबहार रात की रानी रजनीगंधा संग हरसिंगार गुलदाऊदी अष्ट कमल दल गुलबहार नीलकमल चाँदनी ,मौलसरी रंग हजार लता कुंज में भ्रमर-तितलियाँ करें विहार XXXXX …

“अवधपुरी” (हाइकु)

अवध जन देख दुल्हा-दुल्हिन मुदित मन हर्षित नृप रघुकुल नन्दन राजतिलक रानी के वर भये भूप विकल मूर्छित तन निर्मल मन सीय राम लखन वन गमन बिन राघव भई …