Category: मीना भारद्वाज

“कशमकश”

छन्द अलंकारों से सजी कविता मुझे सोलह श्रृंगार युक्त दुल्हन तो कभी बोन्सई की वाटिका समान लगती है । कोमलकान्त पदावली और मात्राओं-वर्णों की गणना उपमेय-उपमान , यति-गति के …

“पुष्पवाटिका” ( हाइकु )

चम्पा ,चमेली गुलाब की कलियाँ सदाबहार रात की रानी रजनीगंधा संग हरसिंगार गुलदाऊदी अष्ट कमल दल गुलबहार नीलकमल चाँदनी ,मौलसरी रंग हजार लता कुंज में भ्रमर-तितलियाँ करें विहार XXXXX …

“अवधपुरी” (हाइकु)

अवध जन देख दुल्हा-दुल्हिन मुदित मन हर्षित नृप रघुकुल नन्दन राजतिलक रानी के वर भये भूप विकल मूर्छित तन निर्मल मन सीय राम लखन वन गमन बिन राघव भई …

“रक्षक”

हमारी मातृभूमि के रक्षक वीर जवानों को स्वतन्त्रता दिवस पर समर्पित एक छोटी सी रचना – हिम किरीट के रक्षक तुम,तुझ में शक्ति अपार तुम से रक्षित गौरव राष्ट्र …

“मित्रता”

मित्रता तपन में फुहार सी ठंडक का अहसास देती है। मित्रता बिन मांगे मोती आंचल में हो तो खुशियों की सौगात देती है। मित्रता व्यक्ति की निज छांव दुख-सुख …