Category: इंशा अल्लाह खां

मैंने जो कहा- हूँ मैं तेरा आशिक़े शैदा-ऐ- कानेमलाहत

मैंने जो कहा- हूँ मैं तेरा आशिक़े शैदा-ऐ- कानेमलाहत । फ़रमाने लगे हँसके “सुनो और तमाशा- यह शक्ल, यह सूरत” ? आए जो मेरे घर में वह सब राहे करम से- …

यह जो महंत बैठे हैं

यह जो महंत बैठे हैं राधा के कुण्ड पर अवतार बन कर गिरते हैं परियों के झुण्ड पर शिव के गले से पार्वती जी लिपट गयीं क्या ही बहार …

छेड़ने का तो मज़ा तब है कहो और सुनो

छेड़ने का तो मज़ा तब है कहो और सुनो बात में तुम तो ख़फ़ा हो गये, लो और सुनो तुम कहोगे जिसे कुछ, क्यूँ न कहेगा तुम को छोड़ …

अच्छा जो ख़फा हमसे हो तुम ए सनम अच्छा

अच्छा जो खफा हम से हो तुम ऐ सनम अच्छा लो हम भी न बोलेंगे खुदा की क़सम अच्छा मशगूल क्या चाहिए इस दिल को किसी तौर ले लेंगे …

ज़ोफ आता है दिल को थाम तो लो

ज़ो’फ आता है दिल को थाम तो लो बोलियो मत मगर सलाम तो लो कौन कहता है बोलो, मत बोलो हाथ से मेरे एक जाम तो लो इन्हीं बातों …

झूठा निकला करार तेरा

झूठा निकला क़रार तेरा अब किसको है ऐतबार तेरा दिल में सौ लाख चुटकियाँ लीं देखा बस हम ने प्यार तेरा दम नाक में आ रहा था अपने था …

कमर बांधे हुए चलने पे यां सब यार बैठे हैं

कमर बांधे हुए चलने को याँ सब यार बैठे हैं । बहोत आगे गए, बाक़ी जो हैं तैयार बैठे हैं ।। न छेड़ ए निक़हत-ए-बाद-ए-बहारी, राह लग अपनी । …