Category: इन्द्र देव चवरे

Health in Poems…5 – स्वास्थ्य रक्षक कविता

दिन   में तो  चंदा चलै ,चलै  रात में  सूर | तो यह निश्चय जानिये,  प्राण गमन बहु दूर|| बायीं  करवट   सोइये,  जल  बायें स्वर  पीव | दायें स्वर  भोजन …

स्वास्थ्य रक्षक कविता……4

स्वास्थ्य रक्षक कविता…………4 (संग्रह) इमली पत्ती पीसकर, लीजै नमक मिलाय | मट्ठा के सग पीजिये,   पेचिस देय मिटाय || नीम की पत्ती तोड़कर,   मधुरस संग पिसाय | फोड़ा …

स्वास्थ्य रक्षक कविता ………3

रोगों से बचाव……3 (संग्रह) जो चाहो सौ वर्ष  रहें,अमर दाँत बत्तीस | लघुशंका और शौच में,राखो दंती पीस || सोंठ शकर काली मिरच, काला नमक मिलाय | नीबू में …

ज़रूरत क्या है पढ़ने की

रचनाकार-इन्द्र देव चवरे अच्छा खासा घर-बार है, जिसमें नौकर भरमार हैं | कॉलेज़ जाने को कार है, और किताबों का अम्बार है | फ़िर भी     लाडला  हमारा,  …

सार्थतकता नाम की/ हास्य कविता

हास्य कविताएं ( कुण्डलियाँ ) 1 निरमल कुमार गंदे भए, और चतुरसींग संठियाय | अजि नैनदास अंधे भये, और शांतिलाल खिसियाय | और शांतिलाल खिसियाय, भए चमन लाल वीरान …

स्वास्थ्य रक्षक कविता 1

1* जो करते नहीं परहेज़, तो दवा क्यूं खाते हैं |                                          .  , चंगा भी होते नहीं, और ज़ेब कटवाते हैं | जो करते नहीं परहेज़, तो दवा क्यूं …