Category: गिरिजा अरोड़ा

रिश्तों के पुल

आँखों के समंदर में विश्वास की गहराई से बन जाते हैं रिश्तों के पुल दिलों का आवागमन जज्बातों का आदान प्रदान कराते हैं रिश्तों के पुल दायरे होते हैं …

गॉड पार्टिकल (published in kadambini April’16)

चलते चलते, उठते बैठते, यूं ही इधर उधर मिल जाता है अक्सर गॉड पार्टिकल वो बीज बन भूमि में जाता, सूर्य बन रश्मि छिटकाता वायु बन लहराता जंगल, बरसता …

प्राण

हे भगवान! इनसान आज ढूँढते हैं अपने प्राण हे भगवान! सुख चैन ढूँढते उस खुशहाल गांव के ग्रामीणों की तरह जो आने के एक दुष्ट जादूगर से हो गए …