Category: अंकिता आशू

वक़्त

​ठहरजाता है वक़्त, थम जाता है वक़्त, वक़्त की मिज़ाज़ क्या? हार जाते है सब। ज़रा देखो, जरा सोचो! निर्जिव जो,भागे तेज़ जरा सोचो, जरा देखो! खुली किताब, पढी …

“”फ़रेबी निगाहें””

निगाहें भी अकसर फ़रेबी बन जाया करतीं हैं …… हकीकत कुछ और होता है बयां कुछ और करतीं हैं… छुपातीं हैं अपने अश्कों को और लबों पर दिखावटी मुस्कुराहट …

मनचला दिल

उम्मीद का चिराग लेकर मनचला दिल आज अपने लिए सुकून को ढूंढने निकला था… परेशानियों की आंधी ने उस चिराग को बुझाना चाहा था..!!! कठिनाइयां गुलमोहर की फूलों की …

माँ-बाप का ‘त्याग’

आपदोनों का ”त्याग” इक अनमोल बीज है जिससे उपजा हमारे जीवन का मजबूत दरख़्त(वृक्ष) है…. आपकी मेहनत से बहाया खून-पसीना ही हमारे जीवन के दरख़्त का आहार है…..!! आपके …

एक दास्ताँ मेरी कलम ने लिखी

एक दास्ताँ मेरी कलम ने लिखी…. कभी थोड़ी रुकी कभी स्याही थोड़ी फीकी पड़ी …. गुज़ारी रात मैंने चौदहवीं रात के चाँद तले….. सितारे भी मदमस्त थे अपने आशियानों …

……ज़िन्दगी है सबसे अच्छा साथी…..

जिसे तहे दिल से हम अपना समझते थे जबसे उसने मुझे अजनबी का दर्जा क्या दिया समझो तबसे ज़िन्दगी ने दूसरों पर से भी भरोसा ही उठा दिया….!!! जहाँ …

….सोचो अगर…..

क्यों रोते हो हमेशा शोहरत-रुपये-पैसे के लिए क्यों ना खुश रहते हो जितना मिलता है उसमें .. कभी मिलो उनसे जिनकी शारीरिक संरचना ही अधूरी रह गयी…. तो अहमियत …

“क्रांतिकारी वीर- चंद्रशेखर आजाद”

हारा नहीं…डरा नहीं , अटल रहा अडिग रहा …. मौत थी सामने खड़ी ,फिर भी न चेहरे पर सिकन उगा …. क्रांतिकारी वीर था …दुश्मनों के लिए वो धारदार …

…..अतीत से नोक-झोक ….

भरी दोपहर में सिरहाने बिस्तर पर टेक लगाय था मीठी निंदिया आँखों में दस्तक दे ही रही थी… सपने भी आँखों में अंगड़ाइयाँ ले रहीं थी….. तभी चिलमिलाती धूप …