Category: अनीता कपूर

अलाव

अलाव   तुमसे अलग होकर घर लौटने तक मन के अलाव पर आज फिर एक नयी कविता पकी है अकेलेपन की आँच से समझ नहीं पाती तुमसे तुम्हारे लिए …

सीधी बात

सीधी बात   आज मन में आया है न बनाऊँ तुम्हें माध्यम करूँ मैं सीधी बात तुमसे उस साहचर्य की करूँ बात रहा है मेरा तुम्हारा सृष्टि के प्रस्फुटन …

साँसों के हस्ताक्षर

साँसों के हस्ताक्षर  हर एक पल पर अंकित कर दें साँसों के हस्ताक्षर परिवर्तन कहीं हमारे चिह्नों   पर स्याही न फेर दे साथ ही जिंदगी के दस्तावेजों पर अमिट …