Category: योगेश शर्मा ‘योगी’

राखी का त्यौहार आया है

राखी का त्यौहार आया है, खुशियां हजार संग लाया है, युगों युगों से चली आ रही रीत का इतिहास का इसमें समाया है, भाईयों बहनों के चेहरों पर ये …

मायूस हो जाते हैं

मायूस हो जाते हैं जाने क्यों, हमें फिर से सम्भलता देखकर, मुश्किलों में पड जातें हैं जानें क्यों, हमें मुश्किलों से निकलता देखकर, रोशन चिराग बुझाने के लिए बारिशों …

कश्मीर को जाने क्या हुआ है,

कश्मीर को जाने क्या हुआ है, बुरी नजर का शिकार हुआ है, मस्त बहारों में खेलने वाला, लाशों के ढेर पे अब पडा है, हिन्दु मुस्लिम दो भाईयों मे, …

खुदा भुलाए फिरतें हैं

दिलों में बेहद नफरतें दबाए फिरतें हैं, खुदा समझतें हैं खुद को खुदा भुलाए फिरतें हैं, होठों पे हरदम झूठी मुस्कुराहटें लिए, लोग जिन्दगी का बोझ उठाए फिरतें हैं, …

बेचिराग रास्ते

क्या जिन्दगी यूंही गुजर जाएगी, सोचता हूं यही होगा पर ना हो खुदा के वास्ते, फिर वहां शम्मां भी क्या करेगी योगी, जब चुनतें ही हैं हम बेचिराग रास्ते,

मेहरबां होने को हैं लोग

बडे अदाकार हैं इस बस्ती के लोग, दिल तोडने को मजाक समझते हैं लोग, चुपचाप गुजर जा रंगमंच से ऐ दिले नादां, अहसास की आवाज सुन लें कहीं ना …