Category: विजय यादव

हमको वफ़ाए इश्क ने ऐसा दीवाना कर दिया

हमको वफ़ाए इश्क ने ऐसा दीवाना कर दिया, किस्सा मेरा छोटा सा था इसको फ़साना कर दिया। नामों निशाँ गुमनाम, मैं था जहां से बेखबर, इस इश्क ने अब …

मुझे तेरी हकीकत का पता है।

मुझे तेरी हकीकत का पता है, ज़माने मुझसे छिपाता क्या है, मुझे तेरी हकीकत का पता है। कियें हैं ज़ुल्म तूने ओट में कितने नकाबों के, शरीफ़ी के नकाबों …

अपने अल्फ़ाज़ों में मोहब्बत बयाँ करता हूँ….

अपने अल्फ़ाज़ों में मोहब्बत बयाँ करता हूँ, कलम से अपनी मैं सोहबत बयाँ करता हूँ, मुद्दत हुई, लम्हे जो तेरे साथ कटे थे, लिख लिख के कागज़ों पे मैं …

भारत माँ के वीर सपूतों, नमन मेरा स्वीकार हो…

भारत माँ के वीर सपूतों, नमन मेरा स्वीकार हो, जयकार हो, जयकार हो-२ जब घर की चार दिवारी में हम गीत सुहाने गाते हैं, तब लाज़ बचाने झंडे की, …

अगर तुम ही नहीं होते, तो फिर मैं भी नहीं होता…

“मेरे होने, न होने का, कोई मतलब नहीं होता, अगर तुम ही नहीं होते, तो फिर मैं भी नहीं होता, मेरे होने, न होने का, कोई मतलब नहीं होता।” …

एक सच्चे आम आदमी की कहानी है ये..”बस हम सही हैं…… सब गलत है..”

एक सच्चे आम आदमी की कहानी है ये.. अगर आप एक सच्चे आम आदमी हैं तो इसे जरूर पढ़ेंगे …..इसका शीर्षक है “बस हम सही हैं…… सब गलत है..” …