Category: विजय नामा

उम्मीद बिन जीवन ही सार…

सबसे प्यारा तू ही मेरे यार, बेइंतहा महोब्बत करते हैं तुझसे यार, तू है तो है मेरे इस जीवन का सार, जिसमे भरा तुमने बहुत सारा प्यार, उम्मीदें दिल …

शब्द

शब्द की कोई पहचान नहीं हैं पर हर एक पहचान के लिये शब्द जरुर हैं शब्द ही है जो तारीफ सुनवाता है शब्द ही है जो अपशब्द सुनवाता है …

अहसास

अहसास भी बड़ा अजीब है होता बड़ा करीब है हो भले ही हजारों सुख करीब हमारे फिर भी पिछले दुखों का अहसास जरुर होता अंदर हमारे चाहे हो दुखो …

खव्याइश है सिर्फ अब यही मेरी ……

वो तेरा हंस के खिलखिलाना दौड़ कर जाना मुड़कर मुस्कुराना मेरी ओर देखकर शरमाना भी एक अदा है तेरी …….. वो मेरे पास बैठना मुझसे मुंह मोड़ना मेरी उस …

माँ …

हमको इस दुनिया में लाती है माँ … प्यार से खिलाती और सुलाती है माँ … अंगुली पकड़ कर चलना सिखाती है माँ … बोलना, पढ़ना, लिखना सिखाती है …