Category: विजय कुमार सिंह

खत

मन की गहराइयों से यादों की पुरवाइयों में ठहरे हुए वक़्त की अनकटी तन्हाइयों में कोरे कागज़ पर दफ़न ख्वाबों की स्याही से बंद लिफाफे में पड़ा है उनकी …