Category: उमेश चौहान

पत्थर

पता नहीं कैसे हो जाते हैं  कुछ लोग पत्थरों पर सिर पटकने की शौकीन उद्यत हो उठते हैं करने को आत्महत्यापरक चेष्टाएँ, कुछ लोग निरन्तर करते रहते हैं प्रयास …