Category: तुषार गौतम ‘नगण्य’

मधुशाला……”इक्कीसवीं सदी की मधुशाला” Ikkeesvin sadi ki Madhushala by Tushar gautam

श्री हरिवंश राय बच्चन जी को मेरी और से एक छोटी सी श्रद्दांजलि , उनकी मधुशाला को थोड़ा आगे बढ़ाने का एक छोटा सा प्रयास, इक्कीसवी सदी की मधुशाला …

Meri Maa ……… by tushar gautam

मेरी माँ …………………………. अंधेरो में तूने ही तो था दिखाया रास्ता जब रूठी ज़िंदगी थी तू थी साथ मेरी माँ इस दुनिया ने भी मुझको बेसहारा किया मेरी माँ …