Category: तोष

आओ जिन आइबे को गहो जिन गहिबे को

आओ जिन आइबे को गहो जिन गहिबे को , गहे रहिबे को छोड़ि छोड़िकै सुनावती । खीझिहू को रीझि झिझिकारिबो मया है अरु , रोसै रस ज्योँ ज्योँ भृकुटीन …

तेरियै चित्र के काज हमै करि

तेरियै चित्र के काज हमै करि तोष सबै ब्रजराज दये हैँ । पत्र बिचित्र बिचित्र बनाइ सिखाइ सबै बहु मोद मये हैँ । रँग बनावत अँग लगे सर ल्यावत …