Category: सुभाष सिंह

अकड़

जब तक जिस्म में जान रही तब तक अकड़ आँखों की पहचान रही और जिस्म से जान निकलते ही यह आँखों से तो जाती रही मगर खुद जिस्म की …

रोशनी की तलाश

रोशनी की अगर तुम्हे तलाश है तो बाहर मत देखो बाहर तो सिर्फ़ अंधेरा और सिर्फ़ अंधेरा है ढूँढते रह जाओगे और अंधेरो मे गहरे कहीं खो जाओगे तुम्हारे …