Category: सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

लीक पर वे चलें जिनके

लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं हमें तो जो हमारी यात्रा से बने ऐसे अनिर्मित पन्थ प्यारे हैं साक्षी हों राह रोके खड़े पीले बाँस …

तुम्हारे साथ रहकर

तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गयी हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गयी है जो …

सूरज को नही डूबने दूंगा

अब मै सूरज को नही डूबने दूंगा देखो मैने कंधे चौडे कर लिये हैं मुट्ठियाँ मजबूत कर ली हैं और ढलान पर एडियाँ जमाकर खडा होना मैने सीख लिया …