Category: श्रीकांत मिश्रा

“राह में अकेले चल के तो देखो “

राह में अकेले चल के तो देखो ,अपने ऊपर आने वाले मुसीबतों को हल कर के तो देखो ! मुक्कदर भी अपना रास्ता बदल देगा, जरा इन मुश्किलों को …

ख्वाहिश यादों की

अपनी यादों में हम खुद की, एक मजार बनायेंगे। उन्हें हरदम रहे जो याद, एेसा कुछ कर गुजर जायेंगे।। नफरतों मे भी किया करते हैं प्यार, इस जहाँ को …

खुशी बेटी की

मै बेटी बनकर जन्म लिया, खुशियोँ का सम्मान है पाया। माँ की अँखो मे ममता का जल, बाबुल के सीने मे गर्व है पाया।। अो बाबुल तेरे अंगना मे, …