Category: शिशिर कुमार गोयल

वो इत्तफाक नहीं – शिशिर मधुकर

मेरे हाथों में तेरा हाथ… जब भी आता है मैं दिल के पास हूँ तेरे..पता चल जाता है तेरे सीने से लग…मुझको सुकून मिलता है सारे ग़म छोड़ के…ये …

चुप रहने वाले – शिशिर मधुकर

सदा चुप रहने वाले जिससे खुल के बात करते हैं बसर उसकी मुहब्बत में ही वो दिन रात करते हैं दिल के हाथों यहाँ मजबूर… सारे हो ही जाते …

बस रिश्ते निभाने में – शिशिर मधुकर

गुज़र जाती है सारी उम्र बस एक प्यार पाने में मुझे तो हार मिलती आई है संगदिल ज़माने में मुहब्बत के लिए मैं ज़िन्दगी भर प्यास से तड़पा सुबह …

तेरा यूँ दूर रहना – शिशिर मधुकर

नशा तेरी मुहब्बत का मुझको हैरान करता है तेरा चेहरा मेरे ख़्वाबों में आ परेशान करता है मुद्दतें हो गईं इस बज़्म में शिरकत ना की तूने तेरा यूँ …

हर घड़ी ख़ास होती है (२) – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं घड़ी हर ख़ास होती है दौर अच्छे बुरे तो हर किसी जीवन में आते हैं …

हर घड़ी ख़ास होती है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं हर घड़ी ख़ास होती है ज़िंदगी जीने की खातिर दूर रहना भी पड़ता है मिलेंगे …

अभी उम्मीद बाकी है – शिशिर मधुकर

समझ में आ गया मुझको यहाँ ना कोई साकी है मिलेगी कोई तो हाला अभी उम्मीद बाकी है बिना रोके जिसमे पिस रहा है हर पल यहाँ इंसान ज़िन्दगी …

एक ऐसा पाश है – शिशिर मधुकर

प्यार की मुद्दत से फक़त मुझको तलाश है खाली पड़ी सब झोलियां सूना आकाश है शक्ति जहाँ शिव को ही ना आधार दे सके सृष्टि वहां चलती नहीं और …

झूठी शान – शिशिर मधुकर

चाहा बहुत मुझको मगर सच्चा प्रेम ना मिल सका ज़िंदगी सूनी रही और उल्फ़त का गुल ना खिल सका सोचा बहुत मैं दर्द अपना दूसरों से ना कहूं पीड़ा …

बात क्या करें – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना हो जब बीच में तो फिर बात क्या करें तड़पे ना जो मिलन को उससे मुलाक़ात क्या करें दिन ही जब इस शहर में मुश्किलों से गुज़रता …

शिकन तन्हाइयां – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िन्दगी में जब किसी के साथ होती है दवा हर ग़म की उस इंसा के अपने हाथ होती है जिन्हें मिलती नहीं ये नेमतें दुनिया में चाहत की …

पता चल जाता है – शिशिर मधुकर

पता चल जाता है अपना कोई जब याद करता है किसी की छवियां सीने में जो भी आबाद करता है नज़र के सामने आ जाए वो प्यारा हमकदम जल्दी …

तुझ में मिलूँ – शिशिर मधुकर

तुझसे मिलने जब भी मैं तन कर चला वक्त ने दिल तोड़ मेरा मुझको ही छला खुशियां सारी छिन गईं तब पल में सभी चैन प्यासी रूह को मिला …

थोड़ी सी बेरुखी – शिशिर मधुकर

मेरी थोड़ी सी बेरुखी से ही तुम बेचैन हो गए मुझको यही सहते हुए कितने दिन रैन हो गए सोचो क्या गुजरी है मेरे तन्हा सीने पे उम्र भर …

हमने भुला दिया – शिशिर मधुकर

देखी जो तेरी बेरुखी हमने भुला दिया अपने हर अरमान को नीदें सुला दिया मुद्दतें गुज़री थी नमी आँखों से दूर थी तेरी जफ़ा ने फिर से उनको रुला …

इख्तियार नहीं है – शिशिर मधुकर

जब तुमको ही अब मेरा इंतज़ार नहीं है मेरा दिल भी परेशान हो बेकरार नहीं है बेडियां जब प्यार की टूटा करी हैं आज कोई किसी के हाथों में …

तीर निज दिल पे झेले हैं -शिशिर मधुकर

मुहब्बत के मैंने जीवन में जो भी खेल खेले हैं हार हिस्से में आई है और अब फिर से अकेले हैं दर्द सहने की शक्ति जब किसी की बढ़ती …

जहाँ पर बस उजाला है – शिशिर मधुकर

तूने जब से मुझको अपनी दुनिया से निकाला है इक ग़म ही फ़कत चोटिल हो सीने ने संभाला है तबस्सुम छोड़ के ऐ फूल देख तुझको क्या मिला ख़ुशबुएं …