Category: शिशिर कुमार गोयल

सांसों में शामिल – शिशिर मधुकर

मुहब्बत करना आसां है निभाना है बहुत मुश्किल याद रक्खो तुम ये सच लगाओ जब कहीं भी दिल जिसको आदत हो आसानी से चेहरे भूल जाने की कभी ना …

स्वार्थ की बातें – शिशिर मधुकर

जब रिश्तों में विश्वास ना हो केवल स्वार्थ की बातें हो कोई नहीं चाहता उस व्यक्ति से अक्सर मुलाकातें हों चाँद रहेगा तो इस अन्धकार में कुछ राहें तो …

किस्मत तुम्हारी है – शिशिर मधुकर

किसी का प्यार पाया है तो ये किस्मत तुम्हारी है वरना अब तो ज़माने में सबको अपनी खुमारी है दोस्ती रिश्ते नाते और सम्बंधो में केवल धोखा है कोई …

वो क्षण फिर से आएंगे – शिशिर मधुकर

कितने पास थे हम तुम जब भी ये सच विचारोगे दिल की गहराइयों से बस नाम मेरा ही पुकारोगे मुझे उम्मीद है जीवन में वो क्षण फिर से आएंगे …

घर घर में आतंकी – शिशिर मधुकर

बाहरी दुश्मन की ज़रूरत नहीं है भारत को वो घर घर में यहाँ आसानी से मिल जाएंगे टीवी पर्दे पे अपने कारोबार की तरक्की को बुरहान वानी की बरसी …

अति विश्वास – शिशिर मधुकर

अति विश्वास में अक्सर यहाँ धोखा ही मिलता है सर्प कैसा भी हो वो तो केवल बिष ही उगलता है करो ना ज़िंदगी के फैसले कभी भी जल्दबाजी में …

प्यासा – शिशिर मधुकर

प्यासा हूँ तेरी दीद का किस बिधि कहूँ तुझसे ये तन्हाइयां अब तो ना सही जाती हैं मुझसे तेरा करम हो जाए ग़र इन मुश्किलों के बीच कुछ भी …

अंजान बनते हैं -शिशिर मधुकर

कभी पहलू में थे जो आज वो अंजान बनते हैं जो छाया नहीं रखते वो ही खजूरों से तनते हैं स्वार्थ भरी फितरत से पार कोई पाए भी कैसे …

सीने से लग जाओ – शिशिर मधुकर

मुझे कह दे तो कोई प्यार से सीने से लग जाओ मेरी आँखों में आँखें डाल के नींदों से जग जाओ मुहब्बत की पनाहों में सुख कुछ मिलता है …

जिंदगी वीरान है- शिशिर मधुकर

तूने दिल से क्या रुखसत किया जिंदगी वीरान है सांसें बदन में तो चल रहीं बाकी ना कोई जान है लाखों जतन मैंने किए तुझे याद करना छोड़ दूँ …

नेह की बूंदें (हाइकु) – शिशिर मधुकर

मित्रों हाइकु के क्षेत्र में मेरा प्रथम प्रयास प्रेम खो गया स्वार्थ में अनबन उदास मन। उम्मीदें टूटीं बुझ गई रोशनी केवल तम। नेह की बूंदें बरसे जब जब …

अरमां नहीं जगते -शिशिर मधुकर

खुशी आने से भी मन में अब अरमां नहीं जगते तेरे बिन मेरे ख्वाबों को भी अब पर नहीं लगते मुहब्बत बिन बड़ी सूनी हुई हैं ये राहें जीवन …

खता मेरी ना थी कोई – शिशिर मधुकर

मुहब्बत हो गई तुमसे खता मेरी ना थी कोई खुदा ने चाहा जो इस जहाँ में होता है वो ही नहीं होता है सबके भाग में प्यार का मिलना …

नज़रों की मय – शिशिर मधुकर

पाक ज्वाला मुहब्बत की जब सीनों में दहकती है एक दूजे की सांसों में फिर घनी खुशबू महकती है नशा होता है तब ऐसा किसी की नज़रों की मय …

एक रैन मिल जाए – शिशिर मधुकर

तू बाहों में अगर भर ले मुझे तो चैन मिल जाए बड़े नज़दीक से तेरे नैनॊं से मेरे नैन मिल जाए बड़ी तन्हा सी गुजरी है अब तलक जिंदगी …