Category: शिशिर कुमार गोयल

साथ और विश्वास – शिशिर मधुकर

अगर तूने मुझे आगोश में अपने लिया होता तेरी आँखों का जाम झूम कर मैंने पिया होता काश तुम माँग लेते हाथ मेरा चल पड़े थे जब मैंने सब …

पास आते तुम – शिशिर मधुकर

कमी तुम को अगर महसूस होती पास आते तुम यूँ ही रूठे ना रहते मुस्कान दे मुझको मनाते तुम लम्बी राहें मुहब्बत की कभी आसां ना होती हैं जलजलों …

रब ही लिखता है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिससे हो जाए खुदा बस उसमें दिखता है बनाने से बना हैं कब ये रिश्ता रब ही लिखता है खरीदा हैं जहाँ उसने मगर ना प्रीत मिल पाई …

अंदाज़ ए मुहब्बत – शिशिर मधुकर

सब कुछ लुटा के प्यार से मुझको ही लूटा है अंदाज़ ए मुहब्बत ये तेरा बिल्कुल अनूठा है शीशा ए दिल में पहले तो तेरी एक छवि थी छवियां …

बेचैनियां – शिशिर मधुकर

बेचैनियां घटती नहीं और दिल उदास है दूर है मेरी ज़िंदगी अब आती ना पास है मुद्दत हुईं आगोश में जो उसके सर रखा आज भी छूटी नहीं मिलने …

काल जीवन का – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिसने की मुझसे न संग उसने निभाया है अब तलक काल जीवन का ये मैंने तन्हा बिताया है सभी बस छल गए मुझको लुटा बैठा हूँ मैं अब …

सुकूं पाने की खातिर- शिशिर मधुकर

लाख चेहरे नज़र के सामने दुनियाँ में आते हैं एक जलवे तेरे हमको यहाँ लेकिन सताते हैं बड़ी उलझन सी होती है तू जैसे दूर रहता है मुहब्बत करने …

धूप देखो तो ना खिली – शिशिर मधुकर (बिना रदीफ की ग़ज़ल )

लाख ढूंढा किया फिर भी मुहब्बत मुझको ना मिली रात गुजरी है दिन निकला धूप देखो तो ना खिली घाव देता रहा जो भी मिला उल्फ़त की राहों में …

तुम्हें गर याद ना कर लूँ – शिशिर मधुकर

तुम्हें गर याद ना कर लूँ मुझे न चैन आता है दर्द सीने में उठता है मुझे हर पल सताता है देख के मेरी हालत को वो कई तंज़ …

अगर तुम पास रहते हो – शिशिर मधुकर

अगर तुम पास रहते हो मुझे खुशबू सी आती है तेरे दिल की तमन्ना जो मुझे खुल कर बताती है अगर तुम दूर रहते हो तन्हाई मुझको डसती है …

सीने से लगा मुझको – शिशिर मधुकर

वो मेरे पास आया था दे गया पर दगा मुझको मुहब्बत में हर इंसा नें हमेशा ही ठगा मुझको वो मेरे साथ रहता है मगर मेरा नहीं दिखता ढूंढने …

निशान ए मुहब्बत – शिशिर मधुकर

दूरियां मुझको अब तुम जताने लगे हो अपना संग वो अनोखा भुलाने लगे हो तड़प कोई मिलने की दिखती नहीं अब खुद को महफिल से मेरी बचाने लगे हो …

मुझको भी ये एहसास हुआ – शिशिर मधुकर

तुम मेरे दिल में बसते हो मुझको भी ये एहसास हुआ दूजा देखा नज़दीक तेरे मुझे दर्द बहुत ही खास हुआ कुछ दूर हुए थे हम दोनों मौसम नें …

मेरी परवाज़ बन गए – शिशिर मधुकर

दुनिया से भिड़ गए मेरी आवाज़ बन गए प्यारे सनम तुम मन का मेरे राज़ बन गए खुद को भुला मैं जब तेरे आगोश में गिरी ऐ हमनवा तुम …