Category: सत्येन्द्र प्रताप सिंह

यु ही कट रहे है जीवन के नीरस दिन

यु ही कट रहे है जीवन के नीरस दिन अनायास न कोई आरजू है न कोई ख़ुशी और ना ही प्यार दर्द इतने मिले है की अब दोस्ती सी …

यु न जाऊगा मैं जग से गुमनाम

यु न जाऊगा मैं जग से गुमनाम एक दिन दुनिया ढुढेगी मेरे निशान अश्क न व्यथ जायेगे, गुजेंगी आहे मेरी आवाज़ मेरी रंग लाएगी| ना सिर्फ एक रंज है …

पति, पत्नी और कविता

पति, पत्नी और कविता साथ रहे कैसे बड़ी है दुविधा पति बेचारा क्या करें भाई हुक्म चलाती हरदम लुगाई जलन के मारे आपा खोए जब भी पति कविता संग …