Category: सर्वजीत सिंह

प्यार की दिवाली – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

प्यार की दिवाली दीपों का त्योहार है दिवाली हंसी खुशी और प्यार है दिवाली ………………. मोहब्बत का रंग जब चढ़े किसी पर फिर दिलभर का इज़हार है दिवाली ……………………. …

राज़ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

राज़ दिल का हर राज़ मैं आज तुमको बता दूंगा ……………………. पर शर्त ये है के तुम भी अपना दिल खोल कर रख दो ………………………. शायर : सर्वजीत सिंह …

मंज़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मंज़िल कई बार घबरा जाता है ये दिल देख कर ज़िन्दगी की मुश्किलें …………………… पर कभी मैं टूटा नहीं हौसला छोड़ा नहीं क्योंकि लगता है के मंज़िल बहुत करीब …

अश्क़ – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

अश्क़ अश्क़ बहुत बहाये मैंने तेरी मोहब्बत में ……………… पर मुद्दत के बाद जाना के तू पत्थर का ईक बुत है …………………….. ! ! ! शायर : सर्वजीत सिंह …

गलतफहमी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गलतफहमी दिल की ये तमन्ना थी कि हमसफ़र मिले कोई अपने जैसे मिज़ाज का मिल तो गया लेकिन अब पछता रहा हूँ ये सोच सोच कर कि कितनी बड़ी …

ठोकर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ठोकर ठोकर ना मारो मुझे रास्ते का पत्थर समझ कर ………………… अगर किस्मत ने उठा के मंदिर में रख दिया तो मैं पूजा जाऊँगा …………………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

जन्नत – सर्वजीत सिंह

जन्नत राहों में भटक रहा था मैं तुमने मुझे सहारा दे दिया मेरी डूबती हुई कश्ती को तुमने किनारा दे दिया मोहब्बत करके जाना मैंने कितनी रोशन है जिंदगी …

ग़म ज़दा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ग़म ज़दा कोई आवाज़ ना दो मुझको ………………… अब मुझे कुछ सुनाई ही नहीं देता क्योंकि दिल के टूटने के बाद ……………………. ग़म ज़दा हुआ पड़ा हूँ मै शायर …

झंकार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

झंकार दिल धड़कने लगता है बड़ी जोर से सुनके तेरी पायल की झंकार ……………… ज़रा आहिस्ता आहिस्ता चला करो कुछ वक़्त तो मिले बेकरार दिल को संभालने का ……………… …

दस्तक – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दस्तक सीने में उठा है इक पुराना दर्द आज फिर से ………………… लगता है के दिल के दरवाजे पे मोहब्बत ने फिर से दस्तक दी है ……………….. शायर : …

ख़बर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख़बर ख़बर उसके आने की सुन कर …………………. दिल झूम उठा पागल हो कर पर इस नासमझ को कौन समझाये ……………………… के अभी तो उससे …. अपनी जान पहचान …

चाह – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

चाह दिल की ये चाह थी के बहुत प्यार करेंगे हम अपनी चाहत से ………………….. पर जिसको चाहा हमनें उसकी चाहत कोई ओर था …………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

दिल की हालत – सर्वजीत सिंह

दिल की हालत कब तक छुपायोगे दिल में छुपी बात आँखें तो हमेशां बयां कर ही देती हैं वो तेरा दांतों तले उंगुली दबाना वो तेरी पायल का छनक …

दामन – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दामन किस्मत ने साथ दिया होता अगर तो हम भी मोहब्बत कर ही लेते ………………. पर बदनसीबी ने पकड़ा है दामन ऐसा के अब किसी से क्या गिला करें …

कैसे कहें – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कैसे कहें हम कैसे कहें किसी से …………………………… के हमको उनके दीदार की चाहत नहीं ये दिल तो तड़पता रहता है हर पल ………………….. उनकी इक झलक पाने के …

मौसम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मौसम रूप खिल गया है और भी तुम्हारा ……………. इस खुश गवार मौसम में कैसे सम्भालें हम खुद को …………………… तुम्हारी जान लेवा अदाओं से बचने के लिए शायर …

मोहब्बत कर बैठे – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

मोहब्बत कर बैठे मोहब्बत कर तो बैठे हम पर मोहब्बत करने में नादान थे कभी मिलती है ख़ुशी तो कभी गम इस बात से अन्जान थे मोहब्बत की थी …

तेरे दीदार के लिए – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

तेरे दीदार के लिए – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह तेरे दीदार के लिए बेचैन रहता हूँ मैं तो हर पल बस तेरे दीदार के लिए खुदा से करता हूँ …

खुदा करे – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

खुदा करे ख़त्म हो गए हैं सारे लफ्ज़ तारीफ करने के लिए उसके हुस्न की खुदा करे के अब वो आँखों से ही समझ ले मेरे मोहब्बत भरे दिल …

मशहूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मशहूर हुस्न वालों से दोस्ती करके मशहूर तो हम भी हो गए ………………………. चर्चे जब होते हैं उनके हुस्न के तो ज़िक्र हमारा भी आ ही जाता है ………………… …

गिरधर तेरे रंग हज़ार – सर्वजीत सिंह

गिरधर तेरे रंग हज़ार गिरधर तेरे रंग हज़ार तूने ही जग में बांटा प्यार दया प्रभु तू करना हम पर खुश रहे सदा घर संसार गिरधर तेरे रंग हज़ार …