Category: सारांश सागर

एक शिक्षाप्रद कहानी – आपने हमे भी इनवाईट किया है !!

ट्यूशन का टाइम हो गया था और इंटीग्रेशन करते करते बहुत तेज भूख भी लग रही थी !! सर को प्रणाम करके सबको राम राम करके ज्यों ही घर …

बेटी का हाथ किसके साथ ??

गाँव,देहात में अक्सर अधिक बेटी वाला परिवार मध्यम य गरीब वर्ग से सम्बंध रखता है !! उसके कई कारण हो सकते है पर मुख्यतः ये कारण तो हर समस्या …

बस यूं ही जगमगाते रहना

अक्सर और अधिकांश कई लोगों को रौशनी बहुत ही पसंद होती है और जब बात करे दिए कि तो वो बहुत ही सुंदर दिखती है बिल्कुल फूटरी आनंदी की …

सरकार भ्रष्ट नही भ्रष्टाचार के लिए ही सरकार है !!

फिल्म मदारी का ये डायलॉग आज के वर्तमान सरकार य पिछली जितनी भी सरकार हुयी उसमे अधिकांश के लिए ये डायलॉग उपयुक्त बैठता है क्योंकि साफ-सुथरे खादी वस्त्र पहनने …

गूगल पर सर्च कर लीजिये

विवाह उपरांत राकेश और रीता बहुत खुश थे क्योंकि दोनों को अपना मनपसन्द जीवनसाथी जो मिल गया था !! हंसी-ख़ुशी सब सही चल रहा था पर बेटी को विदा …

प्रद्युम्न मेरा नही पूरे देश का बेटा है !!

ये शब्द प्रद्युम्न के माँ ने कहा और इसे सुनने के बाद रोंगटे खड़े हो गये और मन भावुक हो गया ! आंसू छलक ही गये !! सोचकर भी …

दिल्ली मेट्रो की वर्तमान की दूर्दशा !!!

दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान आपको कई जगह विमल पान मसाला और अन्य गुटखा के प्रचार दिख जायेंगे !! मै ये सब नही खाता पर मै गुटखा खाने …

अनजाने में ही सही ईश्वर का हो रहा है नित्य-प्रतिदिन अपमान ! – अनुभव पर आधारित लेख

हम और आप ईश्वर की भक्ति अपनी श्रद्धा,नियम,कायदे के अनुसार करते तो है लेकिन ये नियम और श्रद्धा को पोषित कौन करता है इस पर कभी गौर नही करते …

माँ है वो मेरी !! – इस कविता रचना में मेरे और माँ के बीच के प्रेम व् परिस्थिति का विवरण है !

माँ है वो मेरी। मुझको जग में लाने वाली ममतामयी है माँ मेरी। कैसे करू मै उसकी सेवा ये समझ आता नहीं। अपने ममता के स्पर्श से जिसने किया …

ये कैसा प्यार – प्यार और सम्मान किसी समय,तारिक और परिस्थिति विशेष के मोहताज नही !!

आज स्कूल,कालेजो में बहुत अच्छा प्यार देखने को मिल रहा है ???? ! लड़का-लड़की कॉलेज के पास खोके के दुकान में सिगरेट,दारू और न जाने कौन सी नशीली पदार्थ का सेवन …

एक भावपूर्ण कहानी – मृत्यु का कारण बनी लापरवाह और नासमझी !!

रक्षा-बंधन आने वाली थी इसीलिए मुन्नी के माता-पिता ने अपने बुआ-फूफा के यहाँ जाने का प्लान बनाया ! पर मुन्नी के पापा को व्यापार से सम्बंधित कुछ जरुरी काम …

स्वच्छता नही है कोई अभियान, ये है मनुष्य का गुण और व्यवहार- स्वयं के अनुभव के आधार पर

आज तमाम नेता और समाज सेवा के नाम पर प्रचार करने वाले कुछ लोग शौक और लोकप्रियता के लिए झाड़ू उठाते फिर रहे है ! जो अपने घर में …

कॉलेज का माहौल है ऐसा,नही सोचा था कभी मैंने जैसा- कॉलेज के अनुभव के आधार पर

कॉलेज में शुरू के दिनों के बाद का अनुभव को कविता में प्रस्तुत करने की छोटी कोशिश की है कॉलेज का माहौल है ऐसा,नही सोचा था कभी मैंने जैसा …

पढ़ ले भाई, अब वक़्त हो गया – होस्टल में रहने वाले छात्रों को प्रेरित करती कविता

होस्टल में आज कल जो भी होता है उसको कविता रूप में आप सबसे साझा की है जिसको होस्टल में रह चुके साथी अच्छे से समझ सकते है !! …