Category: संजय इंगोले

जड़ ने पूछा वृक्ष से

जड़ ने पूछा वृक्ष से एक दिन हे वृक्ष, हुई तुम्हारी धृष्टता कैसे, हुआ तुम्हारा साहस कैसे, धर के अपने पाँव आज तुम , खड़े मेरी छाती पर कैसे …