Category: संदीप सिंह

नज़्म – ये उसूल-ए-मोहब्बत…

ये उसूल-ए-मोहब्बत है ऐ दिले नादाँ किसी को चाहो तहे-दिल से अगर न हो हासिल उस ज़ुल्फ़ की रानाइया न सही कटे न उसके नर्म दामन की पनाहों में …