Category: सम्पूर्णानंद चतुर्वेदी

जाने तुम घर कब आओगे

जाने तुम घर कब आओगे मेरी दिल की प्यास बुझाओगे बाहों में लेकर के मुझको कब अपना प्यार जताओगे जाने तुम घर कब आओगे आँखों मे नीद न आती …

उलफत मे हम तुम्हारे दीवाने हो गए है

उलफत मे हम तुम्हारे दीवाने हो गए है उलफत मे हम तुम्हारे दीवाने हो गए है जबसे मिले है नयना मयखाने हो गए है उलफत मे हम तुम्हारे दीवाने …

हम परदेसी हो गए

हम परदेसी हो गए चले थे रोटी की तलाश में कहाँ के थे कहाँ के हो गए हम परदेसी हो गए उलझे इस कदर इस तानेबाने में बेवफा बेमुरव्वत …

शायरी

मुस्कुराने के लिए कुछ हालात होने चाहिए दर्द छुपाने को कुछ जज्बात होने चाहिए यूँ ही अकसर बातें नही पहुँचती सभी के दिलों तक दिल तक पहुंचने वाले अल्फाज …

गजल

इस कदर प्यार में हम दीवाने हुए तोड़कर कर सारे रिश्ते बेगाने हुए आजकल नीद हमको नही हमसफर ख्वाब के सारे महफ़िल पुराने हुए आरजू तुम मेरी जुस्तजू तुम …

शहीदेआजम

लश्कर ए भेड़ से कभी शेर नही डरते आज़ादी ने मिलती अगर वो फाँसी न चढते कभी शांति से कोई मसला नही सुलझता है मेरे दोस्तों वार्ना सरहद पे …

शायरी

मुझे मौसम का बहाना नही चाहिए एक पल का ठिकाना नहीं चाहिए हमे तो रहना है उसकी बाहों में ताउम्र कुछ पल का अफसाना नही चाहिए 👏कृष्णा👏

सरकार बदलती रहती है

सरकार बदलती रहती है कुछ किए गये उन वादों की रफ़्तार बदलती रहती है सरकार बदलती रहती है हो समर चुनावी गफलत का या हो सियासी दाँव पेंच हो …

मैं दीप जला के रखती हूँ

मैं दीप जला के रखती हूँ रातों मे तुम कब आ जाओ मैं फूल बिछा के रखती हूँ जाने किस मोड़ से आ जाओ जाने कैसे मेरी रात कटी …

दिल से कर लेना तुम दरकिनारा

जिंदगी मे अगर प्यार होने को है खुद के सुख चैन को यूँ ही खोने को है दिल से कर लेना तुम दरकिनारा वरना टूटेगा ही दिल तुम्हारा वरना …

काव्यांजलि

मिटटी की पहली पुकार, पर बरसा का अभिनन्दन है इंद्रधनुष के सप्तरंग से , बर्षा का शतबंदन है मिटटी की पहली पुकार, पर बरसा का अभिनन्दन है ……. तरु …

काव्यांजलि

मिटटी की पहली पुकार, पर बरसा का अभिनन्दन है इंद्रधनुष के सप्तरंग से , बर्षा का शतबंदन है मिटटी की पहली पुकार, पर बरसा का अभिनन्दन है ……. तरु …