Category: रोशन सनगही

विदाई

पहले तो अपना कहा, फिर प्यार का सपना दिया, अब दर्द का चिराग क्यों जलाते हो और गम का दामन क्यों थमाते हो, पहले तो अपना कहा………. अश्क फिसलते …

मां को प्रणाम कर गयी पैदा तुझे उस कोख का एहसान है सैनिकों के रक्त से आबाद हिन्दुस्तान है तिलक किया मस्तक चूमा बोली ये ले कफन तुम्हारा मैं मां हूं पर बाद में, पहले बेटा वतन तुम्हारा धन्य है मैया तुम्हारी भेंट में बलिदान में झुक गया है देश उसके दूध के सम्मान में दे दिया है लाल जिसने पुत्र मोह छोड़कर चाहता हूं आंसुओं से पांव वो पखार दूं ए शहीद की मां आ तेरी मैं आरती उतार लूं

मां को प्रणाम कर गयी पैदा तुझे उस कोख का एहसान है सैनिकों के रक्त से आबाद हिन्दुस्तान है तिलक किया मस्तक चूमा बोली ये ले कफन तुम्हारा मैं …