Category: रविन्द्र कुमार

मन्दिरो में रहा हूं मै

मस्जिदो में रहा हूं मै मन्दिरो में रहा हूं मै। पूजते रहे हो तुम जिन्हें देवता की तरह, उन्ही पत्थरों में रहा हू मै। नही भाता है मुझे मजहबी …

सबसे पहले भारत

“सर कटता है सैनिक का तो किसी का क्या जाता है। बैठ नेता दिल्ली में मुर्ग मुसल्लम खाता है। गिराकर लाशें अक्सर हमारे सैनिको की, वो पिद्दी भर का …

सशक्त होकर उभरे कुछ ऐसे अपना हिन्दुस्तान

“सशक्त होकर उभरे कुछ ऐसे, अपना हिन्दुस्तान। शीश झुकाये खडा हो चीन, और हाथ जोडे पाकिस्तान। सशक्त होकर उभरे कुछ ऐसे, अपना हिन्दुस्तान। फिर से बहे दूध की नदिया, …