Category: रवि भट्टाचार्य

सोचा ना था

इस कदर इंतज़ार करना पड़ेगा, किसे पता था, इस कदर बेकरार होना पड़ेगा, किसने सोचा था, इस कदर याद आएगी तुम्हारी, मालूम न था, तुम प्यार बेइंतहा दोगी, गुमान …

सपनो के संसार में

तन्हा  है  दुनिया  की  भीड़  में  हम, ना  ठिकाना, हैं  मंजिल  की  तलाश  में  गुम, मिलेगा  कभी  तो  खोया  संसार, अभी  भी   नींद  से  नहीं  जागे   है  हम. .. था हमारा …

बात इतनी सी थी

बात  इतनी  सी   थी, फ़साना  बना  दिया, तोडकर  मेरे  दिल  को, अफसाना  बना  दिया.. टूटे  दिल  के  टुकडो  को, देखकर  जी  रहे  है  हम, जख्म  पहले  ही  क्या  कम  …

सारे रिश्ते सारे नाते

सारे रिश्ते सारे नाते, पल में एक तोड़ चले, मेरे भग्वन, मेरे अरमां मेरा भरम तोड़ चले, दिल के अरमानो की जलती चिता को साथ लिया, हम तेरे बिन, …