Category: रणदीप चौधरी ‘भरतपुरिया’

मैं आधुनिक नारी हूँ

मै अबला नादान नहीं हूँ दबी हुई पहचान नहीं हूँ मै स्वाभिमान से जीती हूँ रखती अंदर ख़ुद्दारी हूँ मै आधुनिक नारी हूँ पुरुष प्रधान जगत में मैंने अपना …

मैं किसान कहलाता हूँ

शीर्षक- मै किसान कहलाता हूँ मै आग उगलते आसमान की ही छाया में उम्मीद सैंकड़ो लेकर बैल चलाता हूँ हाँ, मैं किसान कहलाता हूँ ; ये बेमौसम बरसात सहीं …

कैदखाना

भूल जाने की कसमें हैं,फिर मिलने का बहाना है, ये तेरा दिल है जानेमन,या कोई कैदखाना है; कि ऐसे मूँद रखा है,तूने आगोश में अपने, ना मेरी नींद आँखों …

प्रयत्न कर

नाम- रणदीप चौधरी ‘भरतपुरिया’ मैं अभी 12th पास करके निकला हूँ मेरी हिंदी मे शुरू से ही रूचि रही है। अब मैं प्री_मेडिकल की तैयारी कर रहा हूँ और …