Category: रामनाथ सिंह ‘अदम गोंडवी’

चाँद है ज़ेरे क़दम. सूरज खिलौना हो गया

चाँद है ज़ेरे क़दम. सूरज खिलौना हो गया हाँ, मगर इस दौर में क़िरदार बौना हो गया शहर के दंगों में जब भी मुफलिसों के घर जले कोठियों की …