Category: रामगोपाल साँखला ‘गोपी’

‘चक दे चक दे इंडिया’

इतिहास रचा था 1983 में जिस लॉर्डस के मैदान में आज वहीं उतरी है बेटियां, बात वही है ध्‍यान में महिला क्रिकेट विश्‍वकप के पहले मैच में इंग्‍लैण्‍ड को धोया …

गूंजी किलकारी

मेरे घर आंगन में गूंजी किलकारी आई इस बगिया में नव कलिका प्यारी प्रतीक्षा में जिसके बरस भए सुनने को जिसे कान तरस गए खिली कली बगिया महकी देख …

आतंक के अंत की तैयारी : “गोपी”

आतंक के अंत की तैयारी उडी में पाक ने नापाक इरादे से कायराना हमला किया भारत ने सर्जिकल स्टराइक कर ईंट का जवाब पत्थर से दिया सेना ने जो …

रब की अनुपम सौगात

रब की अनुपम सौगात सुविचारों को धारण किए, सौम्य आपकी काया है मुख-मण्डल की शोभा सौम्य‍, सौम्य आपका साया है शोभा सिर की बढा रहे ये काले श्यामल केश …

कर्मयोगी नरेन्द्र

कर्मयोगी नरेन्द्र गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह, हुआ सूर्यनगरी को नाज महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुआ यह काज अपने-अपने क्षेत्र में निपुण प्रतिभाओं का हुआ …

एक तरफा प्यार

एक तरफा प्यार अरूणोदय से अस्ता‍चल दिवस रवि से फलता है समय का यह कारवां यूं ही अनवरत चलता है दिल में हजारों अरमां लिए बैठे हैं ऐसी कश्ती …

शब्द नाम माला ……….

(नोट :- प्रशिक्षण में लेखक सहित 120 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिनके नामों को पिरौते हुए यह कविता बनाई गई है) शब्द नाम माला …… (1) हरिनारायण हरिलाल हरफूल …

पी.सी.सी. की यादें …

पी.सी.सी. की यादें … (नोट :- यह कविता लेखक के प्रशिक्षण के दौरान अनुभव एवं संस्‍मरण के आधार पर रचित है) जून का महिना जेठ की गर्मी में दिया …

आ जाओ तुम बरखा रानी

आ जाओ तुम बरखा रानी सूरज का पहरा कड़ा है यह अपनी पर अड़ा है सरहद पर प्रहरी खड़ा है तपन ने सबको झकड़ा है बुलाते तुम्हे सब व्यथित …

एक प्यारा सा एहसास

एक प्यारा सा एहसास आपके अनुरोध पर कुछ लिखा था भीतर से विचारों का प्रवाह दिखा था जो कुछ था एक प्यारा सा एहसास था विचलन नहीं यह तो …

नासिका पर लौंग तारा

नासिका पर लौंग तारा ये जो आपकी नासिका पर लौंग तारा है सचमुच यह लगता बहुत प्‍यारा है ये जो निश्‍छल निर्मल दो नयना है आपकी सौम्‍यता को बढाता …

अच्‍छा लगता है

अच्‍छा लगता है आपसे मिलना यूं बातें करना हमको तो अच्‍छा लगता है एक खूबसूरत सा सपना जैसे सम्‍पूर्ण और सच्‍चा लगता हैै ये बातों बातों में बातें बनाना …

आपके अनुरोध पर

आपके अनुरोध पर कभी आप सादगी की मूरत लगती है कभी स्‍वभाव से खूबसूरत लगती है मन की सुन्‍दरता लिए लगती है भली कभी लगती है खिलखिलाती नाजुक कली …

राईट टू रिजेक्ट

राईट टू रिजेक्ट कांग्रेस भाजपा सपा बसपा राजद जद राष्ट्रहित से ऊपर हो गया पार्टियों का कद जनमानस-सुप्रिम कोर्ट का प्रयास हुआ असफल दागी-बाहुबलियों के साथ हो लिये सभी दल निजी स्वार्थों के लिए सब हो गए एक परिवेश में धनबल घोटालों की महिमा हो गई इस देश में राजनीति के दलदल से नेक और सेवाभावी हो रहे दूर घोटालेबाज-दागी-बाहुबलियों को सहने को है देश मजबूर हर देशवासी बने अन्ना, दूर हो देश की मजबूरी दागदार हो तार-तार, “राईट टू रिजेक्ट” है जरूरी -“गोपी”

चौर चौर मौसेरे भाई

चौर चौर मौसेरे भाई सुप्रिम कोर्ट ने शुरु किया दागी नेता दमन का सिलसिला देश के नेताओं को लगा, अपना सिंहासन तो अब हिला सूचना के अधिकार ने भी, पार्टियों को दायरे में लेके हद कर दी बडी सभी दलों के दलदल के लिए, हो गई अब मुसीबत खडी दागी दबंगों से ही तो पार्टियां जीतती आई है सुप्रिम कोर्ट ने इसमें क्यों टंगडी लगाई है बाहुबली दागी दबंग नहीं होंगे तो पार्टियां हो जायेगी फैल आर.टी.आई. का शिकंजा रहा तो सब जाएंगे जैल सर्व दलीय बैठक बुलाई, पक्ष-विपक्ष को सभी ने लिया देख हमाम में सब नंगे हैं, सब हो गए इन मुद्दों पर एक जो अंकुश लगाये हम पर, उस कानून को बदल डालो देश को सम्भालेगा ईश्वर, एक-दूसरे को हम सम्भालो क्या करेगा सुप्रिम-कोर्ट, क्या कर लेगा आर.टी.आई हम सब एक हैं,  ”चौर-चौर मौसेरे भाई” -“गोपी”    

स्वर्ण तपकर बनता कुन्दन

स्वर्ण तपकर बनता कुन्दन राजस्थान की धरा पर, हम महिमा भारत की गाते हैं जब तक है जान डटे रहेंगे, मिलकर कदम बढाते हैं स्मरण है हमें सदा, राष्ट्र गौरव स्वाभिमान थाती संजोए रखी है, रखा है देश-धर्म का मान नहीं डरते हैं कभी, हालातों के झंझावातों से पुरस्कार की चाह नहीं, चलते अटल इरादों से लिया है प्रण सेवा का, इसे अनवरत निभाते जाएंगे सत्यमेव जयते के मूलमंत्र को, कभी ना भुलाएंगे प्रतिग्या अपनी ‘सेवार्थ कटिबध्दता’ से पूर्ण करते हैं शिक्षा यही आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर भरते हैं क्षण-क्षण अपना रचता जाए, मानवता की कहानी णमोकार औंकार अजान, सुनते प्रेयर और गुरुवानी केंपस यह एक भट्टी है, स्वर्ण तपकर बनता कुन्दन द्रव्य हमारा लक्ष्य नहीं, करते नित मात् भूमि का वन्दन जोश और जुनून से यहां, तैयार होते फौलाद धरती धोरों की यह, बनाती रक्षा की बुनियाद पुरातन आडम्बर  छोडकर, पकडी है आधुनिक राह रहें सभी सुरक्षित, यही है अपनी चाह “गोपी”

हिन्दी राष्ट्र का प्राण

हिन्दी राष्ट्र का प्राण हिन्दी राष्ट्र का प्राण, हिन्दी  हिन्द  का अभिमान हिन्दी है गौरव गान, हिन्दी है काव्य का भान हिन्दी है स्वर लहरी, हिन्दी है भारत का …

ये जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा

ये जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा कुछ तो कहती है सुबह, कुछ तो छुपा है शाम में आगाज हुआ है जिसका, बदले वह अंजाम में अनवरत चलते जाना है, नहीं …

गौरवमय राजस्थान

महाराणा प्रताप के शौर्य का बखान है राजस्थान मीरा के भक्तिमय गीतों का गान है राजस्थान मां पन्नाधाय का ममतामय बलिदान है राजस्थान केसरिया रण-बांकुरों की शान है राजस्थान …

कविता का भूत

कवि बनने के लिए कविता लिखना पङता है दुःख में भी दिखावटी खिलखिलाना पङता है मैनें भी कवि बनने के लिए कई पापङ बेले अपनी श्रीमतीजी के कई बेलन बङी शान से झेले कई बेलन झेले फिर भी हुआ न असर लगता है बेलन की मार में कहीं रह गई कसर छोङो बेलन को बात श्रोताओं की करें बेचारे श्रोता जियें या बिन पानी डूब मरें भूल-भरोसे भी सुनले यदि कविता मेरी उनके घर में छिङ जाती है रणभेरी सब्जी मण्डी के श्रोताओं को भी मैंनें आजमाकर देखे इन्होंनें तो टमाटर की बजाय कोरे बैंगन फैंके ले गया बैंगन घर सब्जी बनाने के लिए मिसेज कवि ने उठाया बेलन मेरा भुर्ता बनाने के लिए एक बार तो घोर संकट था पङ सकते थे जूत इस तरह उतर गया अपनी कविता का भूत    -“गोपी”

अमर शहीदों को प्रणाम

अमर शहीदों को प्रणाम सरहद के वीरों को सलाम कारगिल, द्रास और बटालिक में, मची हुई थी घुसपैठ भारी पाक अपने नापाक इरादों से, कर रहा था कश्मीर हङपने …

सर्वहारा किसान

सर्वहारा किसान प्रसन्न होता है लहलहाती फसल को देखकर लहलहाती फसल में देखता है अपना प्यारा नन्हा फूल इच्छा है उसकी जाए वह भी स्कूल किसान देखता है अपने …

एक परिचय

ब्रह्माण्ड ब्रह्मा की अदभुत कल्पना उसमें हुई पृथ्वी की रचना “वसुधैव कुटुम्बकं” हिन्दुस्तानी हैं हम हिन्दुस्तान में है राजस्थान जो है वीरों-धीरों की शान राजस्थान में एक जिला नागौर …