Category: रमाकाँत यादव

नसीहत

तेरी आँखो मेँ हर लम्हा मेरे ख्वाबोँ का डेरा हो! जब-जब भी आँखे खुले मेरी सामने तेरा चेहरा हो! जिँदगी मेँ बहुत चल चुके हम अँधेरी राहोँ मेँ, अब …