Category: राजेश कुमार जोशी

सुना है, तू मशहूर हो गया है,

सुना है, तू मशहूर हो गया है, अपने फ़ज़ल से, फलसफा हो गया है. पर मेरे अज़ीज़- अब इंतेज़ार मिलने का, कुछ ज़्यादा हो गया है. कल ही तो …