Category: राहुल सिंह

माँ

माँ इक शब्द है या ज़िन्दगी की वो ज़रुरत, जिसके बिना अंधूरे तुम अंधूरे हम, भटकते फिर रहे होते कहीं, किसी अनजान सी काली सड़क पे उजालों के लिए …