Category: राधाकृष्ण पन्त

भक्ति कविता

बृन्दाबन औ मथुरा काशी गया प्रयाग हरिद्वार सभी तीरथ की महिमा न्यारी नमन मेरा बारबार पशुपतिनाथ गोसाईं निर्मल मन का भाव मझधार में उलझे जिनकी होती नय्याँ पार ये …