Category: प्रेमचंद मुरारका

कौन कहता है अकेले है हम !

एक में अनेक है आप आपके हाथ में है ऎसी क्षमता आप जिसको पंचायत का प्रधान बना दे आप चाहे जिसको बिधायक बना दे आप चाहे जिसको सांसद बना …