Category: पियुष राज

शायरी-2 पियुष राज

हुस्न के पीछे भाग रही दुनिया बेनूर चेहरे पर अब फूल नही खिलते दिल तो एक जैसा है सबका,फिर भी सच्चे मोहब्बत करने वालों को दिल के किराएदार नहीँ …

शायरी-1 -पियुष राज

हम तारीख देखकर मोहब्बत का इज़हार नहीँ करते.. हम हसीन चेहरा देखकर प्यार नही करते… हम तो फ़िदा है उनकी मासूमियत पर…. वरना हम यूँ ही अपना दिल किसी …

परीक्षा का मौसम…-पियुष राज

Exam Special Poem परीक्षा का मौसम…. सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी है बरसात में नहीँ है कोई गम सबका सर है चकराने लगता जब आता है परीक्षा का मौसम पढ़ने …

वो रास्ता… पियुष राज

वो रास्ता.. जिस रास्ते से गुजरती थी वो वो रास्ता मुझे उसकी याद दिलाता है जब भी गुजरता हूं उस रास्ते से तो उसका चेहरा मेरी आँखों में आता …

अनमोल है बेटियां…-पियुष राज

अनमोल है बेटियां अगर बेटे हीरा है तो हीरे की खान है बेटियां अपने घर-गांव-देश की पहचान है बेटियां अगर बेटे सूरज है तो गंगा की अविरल धारा है …

मेहनत करना सीखो….-पियुष राज

मेहनत करना सीखो… जरुरी नहीँ की सफलता एक बार में हासिल हो पहले तुम देखो तुम कितना उसके काबिल हो बार-बार असफल होने पर भी ना हो कभी निराश …

नववर्ष की बधाई….-पियुष राज

नववर्ष की बधाई… दुनिया आगे बढ़ती रही बढ़ती रही समय की चाल खट्टी-मीठी यादों के साथ बीत गया यह साल… कुछ पाया ,तो कुछ खोया कभी हँसा ,तो कभी …

डिजिटल क्रांति का दौर…-पियुष राज

  डिजिटल क्रांति का दौर… विकसित होने की राह में बढ़ रहा है भारत देश सारे लेन-देन होंगे अब से कैशलेस सारी सुविधाएं ऑनलाइन होंगी अब नही लगेगा कतार …

मेरे हर दर्द की ,तू ही एक दवा है…(Part-1)–पियुष राज

मेरे हर दर्द की ,तू ही एक दवा है… Part-1 चाहे क्यों ना दे ये दुनिया कितने भी जख्म मुझे मुझसे जुदा नहीँ कर सकता कोई भी तुझे ये …

मत बैठो कभी खाली…-पियुष राज

मत बैठो कभी खाली… अपने जीवन में खुशियों की तुम बढ़ाते रहो डाली कुछ-ना-कुछ करते रहो मत बैठो कभी खाली अपने जीवनकाल में जो समय को व्यर्थ गवांते वे …

काला-धन पर वार–पियुष राज

काला-धन पर वार मोदी के एक तीर ने हर भ्रश्टाचारियो को कर दिया पूरा घायल देश की सारी जनता हो गई उनकी कायल बोरे भर-भर रखे थे जिसने हज़ार-पांच …

सुन लो पाकिस्तान……पियुष राज

सुन लो पाकिस्तान…. एक के बाद एक हमला कर लहू बहाया तूने भारत माँ के लाल का भारत देगा जवाब अब तेरे हर चाल का पाकिस्तान कान खोलकर सुन …

हमारे वीर जवान –पियुष राज

हमारे वीर-जवान जब जब दुश्मनो ने हमारे देश पर आँख उठाया है तब तब हमारे वीर जवानो ने देश की रक्षा के लिए अपना लहू बहाया है घर परिवार …

मेरे गुरु–पियुष राज

मेरे गुरु हाथ पकड़कर जिसने मुझे पढ़ना-लिखना सिखाया भाषा-अक्षर का बोध जिसने मुझे कराया दुनिया के साथ कदम मिलाकर जिसने चलना सिखाया जिसने की मेरी जिन्दगी शुरू वो है …

संकल्प-पियुष राज

संकल्प देश को आगे बढ़ाने का देश के लिए कुछ कर जाने का आओ मिलकर संकल्प करें भारत को साक्षर बनाना है हर बच्चे को स्कूल पहुँचाना है बेटा-बेटी …

सबकी अपनी सोच-पियुष राज

सबकी अपनी सोच के रंग अलग हैं,रूप अलग हैं अलग हैं सबकी सोच आपका जीवन कैसा होगा तय करेगी आपकी सोच सकारात्मक सोच वालों का सपना होता हैं साकार …