Category: नितिन परिहार ‘राजा’

अस्थि विसर्जन

मोहोब्बत प्यासी एक झलक ज़रा सी देखने को मचले सच की सीमायें पर चाहत मेरी सुहागन दासी चुप सब सहके भी प्रेम बरसाएँ आत्मा नभ की निर्मल निवासी सुनने …