Category: निर्मल शर्मा

परिवर्तन रचो !

माली जब मरने लगा याद किया उसने- सारे फूलों को उनकी अलग-अलग ख़ुशबू रंग और ख़ूबसूरती को । पौधों से लेकस्र वृक्ष होने तक की सारी आपदाएँ कौंध गईं …

कहानी लक्षबाहू की

हठी लक्षबाहू ने हठ नहीं छोड़ा और इतिहास से लेते हुए अपनी लाठी अपना कंबल कूद पड़ा समर में ! लक्षबाहू भयभीत नहीं हो उसका रास्ता भी कट जाए और …