Category: नीलेश माथुर

सन्नाटा

सिर्फ फुसफुसाहट है यहाँ निशब्द घोर सन्नाटा क्या मर चुके हैं शब्द या जुबां कट चुकी है क्यों है मौन पसरा हुआ क्या मर चुका है विरोध या संवेदनाओं …

शुक्रिया

जिन्होंने मुझे स्नेह दिया उनका तहे दिल से शुक्रिया, जो खेले मेरी भावनाओं से और जिन्होंने जख्म दिए उनका भी शुक्रिया, उम्र यूँ ही गुज़र जाएगी बीता हुआ हर …

गोडसे अब भी याद है मुझे

इतिहास में बड़ा कमजोर हूँ मैं हुमायूँ का बाप और शाहज़हान का बेटा याद नहीं मुझे, मुझे तो याद है बाबर की बर्बरता और औरंगजेब की साम्प्रदायिकता, कभी कभी …

कृष्ण चुपचाप कोने में क्यों खड़े हैं ! /

सरे बाज़ार बिकते हैं इंसान सबके अलग अलग हैं दाम, किसी का ज़मीर बिक चुका है तो किसी ने इंसानियत बेच खायी, आबरू लुट रही है किसी की नपुंसक …