Category: निलय उपाध्याय

भोजन की जंग में

कुत्तों और गिद्धों के बीच छिड़ी भोजन की जंग में आदमी गिद्धों के साथ था सुबह की सुनहरी धूप में डांगर का माँस इतना रक्तिम, इतना ताज़ा लग रहा …

भोजन की जंग में

कुत्तों और गिद्धों के बीच छिड़ी भोजन की जंग में आदमी गिद्धों के साथ था सुबह की सुनहरी धूप में डांगर का माँस इतना रक्तिम, इतना ताज़ा लग रहा …

उधार

मैं नहीं जाऊँगा दुकान पर, मुझे तो पहचानता भी नहीं कमबख़्त दुकानदार जाऊँगा जाऊँगा और कहूँगा उधार दो दो किलो चावल.. एक किलो प्याज पूछेगा कौन हैं आप, तो …