Category: नील कमल

हाथ

हाथ सुंदर लगते हैं जब होते हैं किसी दूसरे के हाथ में पूरी गरमाहट के साथ हाथ ख़तरनाक लगते हैं जब उतरते हैं किसी गर्दन पर हाथों को पकड़ने …

सबसे ख़ूबसूरत कविताएँ

पेड़ की जिन शाखाओं ने सौंप दिए सबसे पहले अपने कंधे, हवा में उठी कुल्हाड़ी को वहीं से उगीं मौसम की सबसे हरी पत्तियाँ पत्थर के जिन टुकड़ों ने …

शोकगीत

बिदेसिया गीत को याद करते हुए दिन गिनते पिराती रहीं उनकी अँगुलियाँ, राह तकते दुखती रहीं उनकी आँखें, वे शोक में डूबी रहीं जहाँ भी गईं उनके आँगन में …

रामदास की उदासी

रघुवीर सहाय के रामदास के लिए गाड़ी की काया में आत्मा-सा सिमटा यह आदमी जीवन के रंगों को अर्थ नए देता, भाषा के वर्णाक्षरों के सहारे मापता ज्ञान के …

यह पेड़ों के कपड़े बदलने का समय है

शाखों सरक रहे हैं पौरुषपूर्ण तनों के कंधों से पीतवर्णी उत्तरीय ढुलक रही है अलसाई टहनियों के माथे से हरी ओढ़नी एक थके पेड़ के उघड़े सीने पर फूली …

मौत

1. स्वाभाविक मौत भी, देखिए आती है बड़ी मुश्किल से खण्डहर की उम्र जीते हैं, तमाम बुरे लोग जिसके ढहने का अन्दाज़ा नहीं होता अच्छे लोगों को अच्छे-बुरे के …

भटकन

पाताल-रेल में फ़ँसी एक तितली को देख कर… यह दुनिया का सबसे रंगीन सपना है जो भटक गया है सुबह सात-पन्द्रह की मेट्रो में जबकि आधा शहर ऊँघ रहा …

नमक

आँख के पानी में एक क़तरा पसीने की बूँद में लहू की धार में होठों की नमी में एक-एक क़तरा समुद्र के अथाह जल में घेरे पृथ्वी का तीन-चौथाई …

धूल

धूल मेरे पाँव चूमती है धन्य होते हैं पाँव मेरे धूल को चूम कर धूल को चुम्बक-सा खींचता है वह पसीना, चमकता हुआ मस्तक पर जो थकान से भीगी …

दाढ़ी

अपराधी नहीं काटते दाढ़ी दाढ़ी संन्यासी भी नहीं काटते दाढ़ी में रहता है तिनका तिनका डूबते का सहारा होता है दाढ़ी वे भी नहीं काटते जिनके पास इसके पैसे …

जितनी देर में पृथ्वी

पलकों पर नींद की गठरी भारी पीठ पर लादे कैसी दुनियादारी साधो, इस्पात के पहिए-सा यह जीवन समय जिसे खींचता है पटरी पर, इस जीवन में नहीं नवजातक की …

घायल सिपाही का गीत

जोड़ों में दर्द बोझ से उसकी झुकी कमर बेचैन तबीयत की वो शायरी थी यारो, सुर्ख़ी थी इबारत में बातों में कुछ कसक-सी घायल एक सिपाही की वो डायरी …

गोलार्द्धों में बँटी पृथ्वी

एक माँग है, स्वर्ण रेखा-सी कि सूनी सड़क एक, रक्ताभ समय जिसपर चहलकदमी करता काले बादलों में दो आँखें हैं डबडबाई-सी कि अतलान्त का खारापन असंख्य स्वप्न सीपियाँ जगमगातीं …

ख़तरनाक

यूँ कि च्युइंगम से लेकर बोतल-बंद पेय सहित तमाम सौंदर्य-प्रसाधन, उपलब्ध हैं स्ट्राबेरी, वैनिला आम, अमरूद, केला और न जाने कितने ही फ़लों के स्वाद-गंध में यूँ कि स्वादिष्ट …

कठिन समय में प्रेम

बहुत सोचा, मेरी जान मैंने तुम्हारी जानिब और तय पाया कि कठिन समय का कठिनतम मुहावरा है प्रेम प्रेम की खोज अक्सर अनगिनत तहों के भीतर एक और तह …