Category: नीरज दइया

राजकुमारी-5

प्यार में एक बार फिसलने के बाद बहुत संभल-संभल कर चलती है राजकुमारी रास्ता लम्बा है जाने कब, कहाँ होगा पूरा नहीं जानती राजकुमारी वह तो बस निकल पड़ी …

राजकुमारी-4

किया ही नहीं जीवन में कभी नाप-तौल। अब क्या करूँगा ? मैंने दिया जितनी चाह थी । राजकुमारी तुमने दिया बस उतना ही लिया- मैंने तुम्हारा प्रेम ! बाकी प्रेम जो …

बिना शब्दों के

क्या बतियाना होता है सिर्फ शब्दों से ? शब्द कहां व्यक्त कर पाते हैं- सभी अभिव्यक्तियां । अगर होती शक्ति शब्दों में मैं बता देता- हमने क्या बात की बिना …