Category: नीलकमल वैष्णव ‘अनिश’

छोड़ के ना जा,,,

छोड़कर यूँ ना जाओ हमें… हम भी कही दूर चले जायेंगे… दूर से यूँ ना तड़पाओ हमें… वरना हम भी तुम्हें तड़पायेंगे… एक बार गले से लगा लो हमें… …

! ! अब कुछ नहीं है लिखने को ! !

अब कुछ नहीं है लिखने को,,, इसका कारण है सिर्फ और सिर्फ वो… जिसको सोच कर, जिसको देख कर जिसके बातें जिसकी यादें मैं लिखता था अब उसी ने …