Category: नवल

कई बार मैंने अपने दिल से कहा

कई बार मैंने अपने दिल से कहा फ़रेब और उम्मीद उम्मीद और इन्तज़ार इन्तज़ार और हवस हवस और दर्द एक दूसरे को आरे की तरह काटते हैं उनसे किसी …

कड़ी धूप में बादल के एक टुकड़े के नीचे

कड़ी धूप में बादल के एक टुकड़े के नीचे मैं उससे पहली बार मिला था सड़क पर धूप चमक रही थी धूप में उसके पाँव मानो समन्दर की लहरों …

मैं मान लेता हूँ कि मेरे पास कहने के लिए नया कुछ नहीं

मैं मान लेता हूँ कि मेरे पास कहने के लिए नया कुछ नहीं जो था भी, वह फूलों की पंखुड़ियों में जा छिपा है अगर पंछी अपने परों की …

सरो के दरख़्त जैसी रौशनी मेरे सामने है

सरो के दरख़्त जैसी रौशनी मेरे सामने है और पलकों ने झपकना बंद कर दिया है हवा के तेज़ झोंको ने दरया में लहर पैदा कर दी है और …

तुमने मेरे पथरीले घर में क़दम रखा

तुमने मेरे पथरीले घर में क़दम रखा और वहाँ एक मीठे पानी का चश्मा फूट पड़ा पूरा गाँव उस चश्मे का पानी ले जाता है उसमें नहाता है, पीता …