Category: नर्मदाप्रसाद खरे

गीत तुम्हारे गाती हूँ मैं

गीत तुम्हारे गाती हूँ मैं मौन प्रतीक्षा, सजल नयन ले संध्या-प्रदीप जलाती हूँ मैं। एक दिवस अनजाने ही तुम इन प्राणों से खेल गए हो, युग युग की प्यासी …

अम्बर की बातें क्या जानूं

मैंने धरती के गीत सुने, अम्बर की बातें क्या जानूं? धरती ने पहले बोले सुने, धरती पर पहला स्वर फूटा, धरती ने जीवन दान दिया, धरती पर जीवन सुख …