Category: नंदराम

सोहत हैँ सुख सेज दोऊ सुषमा से भरे सुख के सुखदायन

सोहत हैँ सुख सेज दोऊ सुषमा से भरे सुख के सुखदायन । त्योँ नन्दरामजू अँक भरै परयँक परै चित चौगुने चायन । चूमत हैँ कलकँज कपोल रचैँ रस ख्यालहूँ …