Category: नंददास

सूर आयौ माथे पर, छाया आई पाँइन तर

तर ढरे पथिक डगर देखि छाँह गहरी । सोए सुकुमार लोग जोरि कै किंवार द्वार, पवन सीतल घोख मोख भवन भरत गहरी ॥ धंधी जन धंध छाँड़ि, जब तपत …

रुचिर चित्रसारी सघन कुंज में मध्य कुसुम-रावटी राजै

रुचिर चित्रसारी सघन कुंज में मध्य कुसुम-रावटी राजै । चंदन के रूख चहुँ ओर छवि छाय रहे, फूलन के अभूषन-बसन, फूलन सिंगार सब साजै ॥ सीयर तहखाने में त्रिविध …

छोटो सो कन्हैया एक मुरली मधुर छोटी

छोटो सो कन्हैया एक मुरली मधुर छोटी, छोटे-छोटे सखा संग छोटी पाग सिर की। छोटी सी लकुटि हाथ छोटे वत्स लिए साथ, छोटी कोटि छोटी पट छोटे पीताम्बर की॥ …

आज वृंदाविपिन कुंज अद्भुत नई

आज वृंदाविपिन कुंज अद्भुत नई । परम सीतल सुखद स्याम सोभित तहाँ, माधुरी मधुर और पीत फूलन छई ॥ विविध कदली खंभ, झूमका झुक रहे, मधुप गुंजार, सुर कोकिला …